तुम दो लफ्जों में बे बफा कह गए,
हम दो लफ्जों में उलझ के रह गए,
तुम दो लफ्जों में रिश्ता तोड़ गए,
हमें तनहा अकेला छोड़ गए,
हमारी खता, हम समझ न पाए ,
हम पल में सितमगर हो गए,
तुमको हम अपना खुदा कहते थे,
हमारे खुदा ही बेरहम हो गए,
हमारी हर एक सांस, तेरी वफ़ा का दम भरती है,
तुम ऐसे बेदर्द निकले, हमें ही बे वफ़ा कह गए,
*******राघव विवेक पंडित
हम दो लफ्जों में उलझ के रह गए,
तुम दो लफ्जों में रिश्ता तोड़ गए,
हमें तनहा अकेला छोड़ गए,
हमारी खता, हम समझ न पाए ,
हम पल में सितमगर हो गए,
तुमको हम अपना खुदा कहते थे,
हमारे खुदा ही बेरहम हो गए,
हमारी हर एक सांस, तेरी वफ़ा का दम भरती है,
तुम ऐसे बेदर्द निकले, हमें ही बे वफ़ा कह गए,
*******राघव विवेक पंडित