Tuesday, 7 February 2012

आज दिल बड़ा उदास है,

आज दिल बड़ा उदास है,
उनके मुस्कुराते चेहरे और
सकुन भरे शब्दों की प्यास है,

वो न जाने कहाँ है,
उनकी यादें, उनकी बातें,
उनका गुल सा खिला चेहरा,
मेरे दिल और मेरी आँखों के दरमियाँ है,

उनके दीदार की ख्वाइश है,
दिल की तड़प और
आँखों की फरमाइश है,

ये कायनात, ये आसमा, ये समंदर की लहरें,
तुझ सा नहीं कोई,
तेरे बिन ये निगाह कहाँ ठहरे,

माना इश्क को तडपाना हुशन की आदत है,
इश्क में मर जाना ये आशिक की चाहत है,

तुझे चाहना मेरी मुहब्बत की तकदीर है,
तेरा दीदार करते हुए मर जाना
मेरे ख्वाबों की ताबीर है,

तेरा दीदार दोजख है
तो भी में तुझे चाहता हु,
तेरा दीदार अगर सैलाब है,
तो में उस में बह जाना चाहता हु,
अगर तू मौत है तो साथ ले जा मुझको,
क्योकि,
में भी तो तुझ पे मरना चाहता हु,

तुम छुप जाओ सात पर्दों में, तुम्हे ख्वाबों में देख लेंगे,
अगर ख्वाबों में न मिले तो सुनकर मेरी दुहाई,
ये गुल ये गुलिस्तां, ये जमीन ये आसमा, ये चाँद ये तारे ,
ये दिलकश नज़ारे, ये पक्षियों की चहचाहट,
ये घास पे रुकी शबनम की बूंदें, ये फूलों की खुशबू,
ये भंवरों की रूनझून,
सब ये तेरा पता देंगे,

ऐ खुदा करा दे दीदार उनका,
जो तेरे बाद इस जहाँ के मालिक है





******राघव विवेक पंडित 



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